I will never return to the page

where I once called you

God’s most beautiful handwritten poetry


I thought 💭 

सब वही मिले जो हमने सोचा हो, ज़रूरी तो नहीं,

कुछ किताबों के पन्ने खाली छोड़ देना बेहतर होता है।

पर उन खाली कागज़ों पर

मैं तुम्हारा नाम लिखती रही।

एक शाम हुई,

और एक तस्वीर बन गई—

हूबहू तुम जैसी…

मुझे तो बिल्कुल तुम लगे 

पर जैसे ही

उस किताब का अगला पन्ना पलटा,

लिखा था—

“जो पिछले पन्ने पर था,

वो सिर्फ़ एक मज़ाक था।”



And then when someone asks uh how are uh feeling 

Likha tha ki 

तुम जज़्बात ना पूछो,

रातों की हालत ना पूछो,

सुबह खुली आँखों में बसे सवाल ना पूछो।

टूटे हुए अरमान ना पूछो,

हाथों की लकीरों के उलझे अफ़साने ना पूछो।

मुस्कुराते लब या ठहरी उदासी का राज़ ना पूछो,

ठोकर खाती किस्मत,

झूठी पड़ती हसरत का अंदाज़ ना पूछो।

मसला क्या है मेरी जान, मुझसे ना पूछो,

तुम सब पूछो…

पर जो बयान ना हो सके, वो किस्सा ना पूछो।

सिमट गए जो हिस्से मुझमें,

वो हिस्से ना पूछो।

और क्या रखा है पूछने में,

वक़्त की मार है… बुरी होती है।

और अब बस कुछ ना पूछो।

💗


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